2020 का अनोखा चुनाव (व्यंग)


जी हाँ फ़रवरी 2020 का दिल्ली विधान सभा चुनाव अपने आप में एक अनोखा ही नहीं अदभुत चुनाव साबित हुआ है । क्योंकि भारतीय लोकतंत्र में जहाँ तक मुझे याद है कि यह शायद पहला ऐसा चुनाव था जिसमें सभी पक्ष खुश और संतुष्ट दिखे । कुछ पार्टी समर्थकों से हमने इस चुनाव परिणामों के बारे में बात की जिसका निष्कर्ष यहाँ प्रस्तुत है :-

आम आदमी पार्टी अपनी इस जीत को ऐतिहासिक बता रही है क्योंकि उसकी सरकार में वापसी हुई है । बेशक उसके सीटों की संख्या में कमी आ गयी है । क्योंकि उसको 67 के मुकाबले 62 सीटें ही प्राप्त हुई हैं । यकीन मानिये अगर वह 40 सीट भी जीत कर अपनी सरकार बना लेती तो भी वह इसको ऐतिहासिक ही बताती क्योंकि परिणामों को अपने पक्ष में बताना कोई नयी बात नहीं है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है । आम आदमी पार्टी को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई ।


भारतीय जनता पार्टी भी इस चुनाव परिणामों को अपनी ऐतिहासिक कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है क्योंकि उसको 3 के मुकाबले 8 सीटों की प्राप्ति हुई है और विशेष बात यह है कि पहली बार उसको दिल्ली में अकाली दल के अलावा JDU और LJP जैसे दो सहयोगी मिल गए अर्थात एक की जगह और दो बैसाखी उसको दिल्ली में मिल गयी । यह बीजेपी की मज़बूती को दर्शाता है या कमज़ोरी को यह आप अपने बौद्धिक स्तर के हिसाब से सोच सकते हैं ? लेकिन भारतीय जनता पार्टी को इस ऐतिहासिक कामयाबी के लिए बधाई तो बनती ही है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है ।

कांग्रेस पार्टी भी इस चुनाव परिणामों को अपनी ऐतिहासिक कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है क्योंकि उसका मकसद बीजेपी को सत्ता से बाहर देखना था और वह इसमें कामयाब रही और उसके पास खोने के लिए कुछ था भी नहीं क्योंकि पहले भी वह शून्य पर थी और आज भी वह शून्य  पर है लेकिन विशेष बात यह है कि पहली बार उसको दिल्ली में RJD जैसा एक सहयोगी मिल गया । तो कांग्रेस पार्टी को इस ऐतिहासिक कामयाबी के लिए बधाई तो बनती ही है और इसमें भी कोई बुराई नहीं है ।

JDU, LJP और RJD भी खुश हैं क्योंकि पहली बार बीजेपी और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों ने उनके प्रभाव को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार कर अपने सहयोगी के रूप में पेश किया । तो देखा जाय तो सबसे ज्यादा लाभ में यही तीनों रहे अतः इन तीनों पार्टियों को भी बहुत बहुत बधाई ।

इस चुनाव में अतिरिक्त विशेष बात यह रही कि चुनाव आयोग को EVM  को लेकर किसी विवाद का सामना नहीं करना पड़ा अथवा शर्मसार नहीं होना पड़ा । वास्तव में चुनाव आयोग की अपने आप में यह एक बड़ी उपलब्धि रही और होनी भी चाहिए । अतः चुनाव आयोग को भी बधाई ।

अंततः आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस, JDU, LJP, RJD और  चुनाव आयोग अर्थात सभी इस चुनाव की सम्पन्नता और परिणामों से खुश हैं । इसलिए इन सभी को बधाई तो बनती ही है । सभी खुश हैं तो इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है ।

हर चुनाव को ऐतिहासिक बताना और उसको अपने पक्ष में बताना भी एक कला है जिसमें नेताओं को महारथ हासिल है । इसलिए हमें आशा रखनी चाहिए कि भविष्य में भी हमें ऐसे ही चुनाव परिणाम और उनको ऐतिहासिक बताने वाले ऐसे ही वक्तव्य मिलते रहेंगें । जय हो...!


लेखक एवं प्रस्तुति
सुभाष वर्मा 
Writer-Journalist-Social Activist 
www.LoktantraLive.in
loktantralive@hotmail.com 

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