ज़िन्दगी का मतलब


                 ज़िन्दगी का मतलब

ज़िन्दगी में ज़िन्दगी का कीड़ा घुस गया
जिज्ञासु मन व्याकुल हो चला 
जानने को ज़िन्दगी का मतलब क्या है...!

टीचर ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब पढ़ाई...!

माँ ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब अच्छी सेहत...!

पिता ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब भविष्य बनाओ...!

बड़ों ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब संघर्ष है...!

बॉस ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब खूब काम करो...!

बीबी ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब पैसे खूब लाओ...!

बच्चों ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब हमें मौज़ कराओ...!

पंडित ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब दान दक्षिणा देते रहो...!

संगठन ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब सेवा करो...!

बुद्धिजीवी ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब चिंतन एवं मंथन करो...! 

कुछ अनुभवी लोगों ने बताया 
ज़िन्दगी का मतलब सिसकना और घिसटना है...!

दार्शनिक ने बताया
ज़िन्दगी का मतलब भिखारी और आश्रित...!

दोस्तों ने बताया
यूं ज़िन्दगी बर्बाद मत करो
जिन्दा रहो जिंदादिल बनो
दो पैग मारो मस्त रहो...!

अंत में समझ में आया
जो जी लिया वही ज़िन्दगी है
बाकी सब भ्रम है...!

ज़िन्दगी को जानने के चक्कर में
ना जी पाया मैं जिंदगी को
आखरी बेला में पछतावे का कोई लाभ नहीं...!

तुम मत करना व्यर्थ प्रयास
ज़िन्दगी को जानने का
जी लो जितना जी सको इसको
क्योंकि
जीने का नाम ही जिंदगी है
जो जी लिया वही ज़िन्दगी है...!

संघर्ष करो - समझौता करो
धोखा नहीं देना कभी
ना खुद को ना अपनों को ना गैरों को...!

मत गिरना अपनी नज़रों में कभी
सफलता असफलता का कोई चक्कर नहीं
सिसक सिसक के मत जीओ
घिसट घिसट के मत जीओ
सरल जीओ - बिंदास जीओ
क्योंकि
जीने का नाम ही जिंदगी है
जो जी लिया वही ज़िन्दगी है...!!

लेखक एवं प्रस्तुति 
सुभाष वर्मा 
svermamedia@hotmail.com




 

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